ब्रजमोहन की कविताएँ......
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प्यारे दोस्तों !
यह ब्लॉग मेरे द्वारा रचित कविताओं का संग्रह है | आशा है आपको मेरी कलम से लिखी ये पंक्तियाँ पसंद आएँगी | आपके द्वारा किये गए कमेंट्स मेरे लिए विशेष होंगे |................धन्यवाद !
28 September 2015
मानवता आयी है नयी नयी !
कुछ भक्त बने है नये नये
कुछ की भक्ति नयी नयी !
चाल बदल रही पग-पग पर
डगर बनी है नयी नयी !
समाज के ठेकेदार बने
आँखों पर पट्टी नयी नयी !
हो रहा अभाव भाव का
मानवता आयी है नयी नयी !
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