राह के पत्थर हटाते चलना ,
पथ पर फूल बिछाते चलना ,
अंधेरे तो मिलेंगे ही मिलेंगे ,
पर तुम चिराग हो, खुद को जलाते चलना |
लक्ष्य पथ पर निडर हो चलना,
गिर न जाओ, सम्भल कर चलना,
समय के दुश्मन तो रोकेंगे ही रोकेंगे,
पर तुम कमान हो, खुद को तीर बनाते चलना |
आँधी में भी मगन हो चलना,
भवरों में भी सबल हो चलना,
सागर की लहरें तो डूबोयेंगी ही डूबोयेंगी,
पर तुम मांझी हो, खुद को पतवार बनाते चलना |
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