प्यारे दोस्तों !

यह ब्लॉग मेरे द्वारा रचित कविताओं का संग्रह है | आशा है आपको मेरी कलम से लिखी ये पंक्तियाँ पसंद आएँगी | आपके द्वारा किये गए कमेंट्स मेरे लिए विशेष होंगे |................धन्यवाद !

20 March 2012

तुझे देखता हूँ तो जीता हूँ ...

तुझे देखता हूँ तो जीता हूँ 
तेरे बाद न जाने क्या होगा 
जिंदगी है ज़हर पर पीता हूँ 
असर ना जाने क्या होगा |

चंचल मन की मेरी आशाएं 
रह रह कर मुझे सताएंगी 
फिर यौवन की इस काया का 
परिवार ना जाने क्या होगा |

मधुमय तन की ये परछाई 
बनके बादल सी छायेगी 
फिर छाया की इस माया का 
श्रृंगार ना जाने क्या होगा |

कुछ दूर सही पर संग चलो 
मन की राह चुनने के लिए 
आगें पथ के इन क़दमों का
व्यवहार ना जाने क्या होगा ||

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