प्यारे दोस्तों !

यह ब्लॉग मेरे द्वारा रचित कविताओं का संग्रह है | आशा है आपको मेरी कलम से लिखी ये पंक्तियाँ पसंद आएँगी | आपके द्वारा किये गए कमेंट्स मेरे लिए विशेष होंगे |................धन्यवाद !

05 November 2011

तुम दें दो ...

मेरे मन की मति को, मति कुछ और तुम दें दो 
मुझे इस छोर से उस छोर की तुम अनुमति दें दो 
लहू बनकर बिसर जाऊं तेरे हृदय के कण कण में 
मेरे हृदय की गति को, गति कुछ और तुम दें दो 


मेरे स्वप्नों की अग्नि, मुझे कुछ रोकती सी हैं 
में कर जाऊं न जाने क्या, मुझे ये टोकती सी हैं 
बिना पंखों के दूरी भर उड़ानें भर नहीं सकता
मेरे स्वप्नों की अग्नि को ज्वाला रूप तुम दें दो 



मेरी यादों का सागर, मुझे कुछ खिचता सा हैं 
कही में डूब न जाऊं, कही कोई चीखता सा है
बिना पतवार के मंजिल, में पूरी कर नहीं सकता
मेरी यादों के सागर को आँसू रूप तुम दें दो 

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