प्यारे दोस्तों !

यह ब्लॉग मेरे द्वारा रचित कविताओं का संग्रह है | आशा है आपको मेरी कलम से लिखी ये पंक्तियाँ पसंद आएँगी | आपके द्वारा किये गए कमेंट्स मेरे लिए विशेष होंगे |................धन्यवाद !

04 August 2011

खुदा से ना मांगो वो ....


खुदा से न मांगो वो, जो छोड़ जाते है साथ भी
फिर चाहे बनालो ताजमहल, कट जाते है हाथ भी |

वो मिट्टी है बे-ख़बर, इस झुलसते चमन से
फिर क्या कीमत होगी, मेरी कही दो बात की |

मेरी परछाई है, चंद उजालो की मोहताज
फिर क्या परवाह, दिन की या रात की |

वो बादल बन न पाया, एक छोटी सी ओंस भी
फिर क्या कीमत होगी, मेरे आंसू और जज्बात की || 

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