प्यारे दोस्तों !

यह ब्लॉग मेरे द्वारा रचित कविताओं का संग्रह है | आशा है आपको मेरी कलम से लिखी ये पंक्तियाँ पसंद आएँगी | आपके द्वारा किये गए कमेंट्स मेरे लिए विशेष होंगे |................धन्यवाद !

04 August 2011

वो.....


उसके होंठो पर जब भी छायी है मुस्कान 
दो पत्तियाँ उस फूल की लडखडाई होंगी 
करने को उसके तेज का सामना 
उगते सूरज की किरण भी धूप से नहाई होगी |


उसके कदमों को छूने की चाहत में 
जिसने रात भर किया हो इंतज़ार 
वो सुबह की ओंस 
फूली समाई न होगी |


उसकी आँखों की चमक पाने को 
बेसब्र रही जो रात भर 
सुबह को लोट जाने पर 
वो चाँदनी भी पछताई होगी |


साथ उड़ते उसके आँचल के 
लहराते बालो को देखकर 
साथ बहती है जो 
वो हवा भी शरमाई होगी |

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