हर शख्स की नज़र में अनेक शख्स पायें गएँ
हर चहरे के ऊपर अनेक चहरे लगाएं गएँ
पर खुदा के दरवाज़े पर
जिनकी थी एक ही सूरत, वो ही अपनाएँ गए |
एक ज़ख्म ठीक करने को अनेक जख्म खाएं गएँ
एक आँसू पोछने को कितने आँसू बहाएं गएँ
पर खुदा के दरवाज़े पर
जिनकी आँखों में थी बूँदें, वो ही मोती बनाएँ गएँ |
हर दिल की धडकन में अनेक इन्तेज़ार पायें गएँ
हर राह के पग में अनेक मोड़ बनाएँ गएँ
पर खुदा के दरवाज़े पर
जिस दिल में थी मोहब्बत, वो ही अपनाएँ गएँ |
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