प्यारे दोस्तों !

यह ब्लॉग मेरे द्वारा रचित कविताओं का संग्रह है | आशा है आपको मेरी कलम से लिखी ये पंक्तियाँ पसंद आएँगी | आपके द्वारा किये गए कमेंट्स मेरे लिए विशेष होंगे |................धन्यवाद !

04 August 2011

पूछो !


चुप सा है वो खिला हुआ फूल 
पूछो ! डाल ने कांटा तो नहीं चुभाया 
खुसबू देना जैसे गया है भूल
पूछो ! किसी भँवरे ने तो नहीं सताया |

कुछ दिन पहले की लालिमा याद है मुझे 
वो खिलखिलाते उसके पत्ते याद है मुझे 
जिसे देख होंठो पर छलकती है हंसी 
पूछो ! मुझे रुलाने को बहाना तो नहीं बनाया |

कुछ पल ही सही मुस्कान दो मुझे 
मेरी आँखों के सारे अरमान दो मुझे 
मैं नहीं भँवरा जो खोंजू दूसरा फूल 
पूछो ! इससे पहले मैंने ऐसा तो नहीं पाया |

चुप सा वो खिला हुआ फूल 
पूछो ! डाल ने कांटा तो नहीं चुभाया ||

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